आज भारताचे माजी पंतप्रधान भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयींजी यांचा जन्मदिवस. ---------------------------------------- वाजपेयीजींच्या कवितांच्या काही ओळी..... जो जितना उँचा, उतना एकाकी होता है, हरभार को स्वयं ढोता है, चेहरे पर मुस्काने चिपका, मन ही मन रोता है| धरती को बौनो की नाहीं, उँचे कद के इंसानो की जरुरत है| इतने ऊँचे की आसमान छू लें,नये नक्षत्रों मे प्रतिभा की बीज बो लें, किंन्तु इतने ऊँचे भी नहीं, कि पाँव तले दूब ही न जमे, कोई काटा न चुभे, कोई कली न खिले| मेरे प्रभु! मुझे इतनी उँचाई कभी मत देना, गैरों को गले न लगा सकूँ, इतनी रुखाई मत देना| अटल बिहारी वाजपेयींजी ----------***---------***------- हम पडाव को समझे मंजिल लक्ष्य हुआ आँखों से ओझल वर्तमान के मोहजाल में आने वाला कल न भुलाएँ आओ फिर से दिया जलाएँ आहुती बाकी यज्ञ अधुरा अपनों के विघ्नों ने घेरा अंतिम जय का वज्र बनाने नव दधीचि हड्डियां गलाएँ आओ फिर से दिया जलाएँ, -------***--------***-------- भारत जमीन का टुकडा नहीं...
The land of Opportinity & Opprtuniest..